गोंदिया स्टेशन की खानपान व्यवस्था में गंभीर खामियां, कार्रवाई के बाद बंद रखने के निर्देश

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गोंदिया। (21 अगस्त)|यात्रियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए रेलवे द्वारा शुरू किए गए 15 दिवसीय विशेष खाद्य सुरक्षा अभियान के पहले ही दिन गोंदिया रेलवे स्टेशन की खानपान व्यवस्था में गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। स्टेशन परिसर स्थित रिफ्रेशमेंट रूम, फास्ट फूड स्टॉल एवं फूड प्लाजा की वाणिज्यिक जांच के दौरान प्रभावी कीट नियंत्रण व्यवस्था नहीं होने के साथ ही साफ-सफाई एवं स्वच्छता का स्तर भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।

रेलवे बोर्ड के निर्देश पर 21 अगस्त से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत दपूमरे के नागपुर मंडल में खानपान इकाइयों की सघन जांच की जा रही है। निरीक्षण में खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन, स्वच्छता, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाण-पत्र, एक्सपायरी डेट, पेस्ट कंट्रोल सहित खाद्य सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को जांच के दायरे में रखा गया है।

निरीक्षण में सामने आई कमियों को लेकर रेलवे प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। गोंदिया स्टेशन की संबंधित खानपान इकाई के लाइसेंसधारी को तत्काल प्रभाव से सभी खामियां दूर करने, प्रभावी पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा निर्धारित स्वच्छता एवं सैनिटेशन मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक दिलीप सिंह, नागपुर मंडल के निर्देशानुसार, कमियों का पूर्ण अनुपालन होने तक संबंधित खानपान इकाई को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

रेल प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि यात्रियों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रेलवे ने खानपान संचालकों को स्वच्छता, खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के प्रति गंभीर रहने का स्पष्ट संदेश दिया है।

बताया गया कि 15 दिनों तक चलने वाले इस विशेष अभियान में रेलवे एवं आईआरसीटीसी की खानपान इकाइयों की व्यापक जांच की जाएगी। निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अभियान की विस्तृत रिपोर्ट 7 सितंबर 2026 तक रेलवे बोर्ड को प्रस्तुत की जानी है।

यात्रियों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने और खानपान सेवाओं में स्वच्छता एवं गुणवत्ता के उच्च मानक कायम रखने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान में आगे भी नियमों की अनदेखी करने वाली इकाइयों पर कार्रवाई की संभावना है।

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